किसान

किसान अपने परिवेश को छोड़,
खुद को कलंकित नहीं है करता।
खून पसीने को बहाकर अपने,
देश से गद्दारी नहीं है चाहता ।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी


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4 Comments

  1. Pragya Shukla - May 20, 2020, 8:41 pm

    Good

  2. Abhishek kumar - May 20, 2020, 8:48 pm

    👏

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - May 20, 2020, 9:03 pm

    Nice

  4. Dhruv kumar - May 22, 2020, 9:26 pm

    Nyc

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