कुछ इस कदर के दुआएं बेअसर हो गई

कुछ इस कदर के दुआएं बेअसर हो गई,

के सारे मर्ज़ों की दवाएं मेरे ही सर हो गई,

इलाज मिला मगर कहीं कुछ कसर हो गई,

जिंदगी इससे पहले ही मोहब्बत की नज़र हो गई।।

राही (अंजाना)

Related Articles

नज़र ..

प्रेम  होता  दिलों  से  है फंसती  नज़र , एक तुम्हारी नज़र , एक हमारी नज़र, जब तुम आई नज़र , जब मैं आया नज़र, फिर…

Responses

New Report

Close