कुछ तो है..

‘कुछ तो है कि तुझसे किये वादे की खातिर,
खुद से ही उलझ पड़ता हूँ कभी-कभी..’

– प्रयाग


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12 Comments

  1. vivek singhal - September 15, 2020, 10:54 pm

    देर आए दुरुस्त आए..
    वाह

    • Prayag Dharmani - September 15, 2020, 10:55 pm

      हाँ जी आजकल थोड़ा वक्त कम मिल पाता है..बहुत शुक्रिया आपका

  2. Pragya Shukla - September 15, 2020, 11:29 pm

    उम्दा लेखन

  3. Rishi Kumar - September 16, 2020, 1:17 pm

    very nice😊👏👍

  4. Geeta kumari - September 16, 2020, 3:22 pm

    बहुत ख़ूब

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 16, 2020, 5:01 pm

    खूब

  6. Pratima chaudhary - September 16, 2020, 8:50 pm

    बहुत ही उम्दा

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