घर

रौशन आज मिलकर सब अपने घर कर लेंगे,
और मासूम परिंदे अपने भीतर पर कर लेंगे,

पूरा आसमां जगमगाऐगा बिना तारों के ऐसे,
के सितारे ज़मी को मानो अपने सर कर लेंगे,

कोना – कोना शहर का बोल उठेगा दिल से,
कुछ खामोशी से सब देखके ही मन भर लेंगे।।

राही अंजाना


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15 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 5, 2019, 11:40 am

    Nice

  2. NIMISHA SINGHAL - November 5, 2019, 12:08 pm

    Very nice

  3. देवेश साखरे 'देव' - November 5, 2019, 2:05 pm

    वाह

  4. Poonam singh - November 6, 2019, 3:43 pm

    Good

  5. nitu kandera - November 8, 2019, 9:18 am

    Wah

  6. Neha - November 10, 2019, 2:33 pm

    वाह

  7. Abhishek kumar - November 24, 2019, 2:23 pm

    वाह

  8. Pragya Shukla - February 29, 2020, 6:03 pm

    Good

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