चकाचौंध वाली जिंदगी पा ली मैंने
अब ना करना पड़ता भूखे पेट बसर
पर जो खुली आंखों से देखा था सपना
तयना कर पाया उसकी परछाई तक का भी सफर.
चकाचौंध
Comments
5 responses to “चकाचौंध”
-
सुंदर
-
धन्यवाद
-
-
Awesome
-

Good
-
धन्यवाद धन्यवाद
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.