तार के टूटने का मतलब

 तार के टूटने का मतलब

सितार टूटना नहीं होता

लेकिन सिर्फ जिंदा रहना ही

जीवन का इस्तेदाद नहीं होता।

                                                   (इस्तेदाद= योग्यता, दक्षता)

 

जनसंख्या रोज़ बढ़ रही है

धरती अब छोटी पड़ रही है

लेकिन हर कोई यहां

मनवता से भरा

इंसान नहीं होता।

 

मुजरिम भी कहां

जुर्म करने से बाज़ आता है

जब तक वो कहीं

गिरफ्तार नहीं होता।

 

 

दुनियाँ का चलन अब

इतना बिगड़ गया है

कि एक भाई

अपने भाई का गला काटते वक़्त भी

शर्मसार नहीं होता।

 

नादानपने में लोग क्याक्या करते है

जबकि ये बताने की जरूरत नहीं

कि मोम की  तलवार से

सूरज कभी

जख्म्सार नहीं होता।

 

ये शोर मेरे दिल का

इतना ज्यादा है कि

कितना भी लेकर समां

सब कुछ बयां नहीं होता।

                                                        कुमार बन्टी


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

अपने ही सूरज की रोशनी में

ख़ुशी क्या है ?

क्या लिखूँ ?

तू ही बता दे जिंदगी

2 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 12, 2019, 11:20 am

    वाह बहुत सुंदर हो

  2. Abhishek kumar - November 25, 2019, 8:29 pm

    Good

Leave a Reply