तू सबके दुःख हर जाता है

मुझे ख़ुद की लगी रहती है

तुझे सबकी पड़ी रहती है

मैं ख़ुद के समेट ना पाता हूँ

तू सबके दुःख हर जाता है

 

….. यूई


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Poet, Film Screenplay Writer, Storyteller, Song Lyricist, Fiction Writer, Painter - Oil On Canvas, Management Writer, Engineer

Related Posts

कैसे तेरी पहचान करूँ ?

सबके अन्दर बसता है

तुझसे आगे ना सोच पाया

तुझको हर दर पर तो पाता हूँ

1 Comment

  1. मोहन सिंह मानुष - August 23, 2020, 7:31 pm

    बहुत ही उम्दा

Leave a Reply