दर्द का आलम

दर्द का आलम सहसा बाढ़ बन गया,
जब किताब के पन्नो में;
उनकी तस्वीर रूबरू हुई।


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12 Comments

  1. Rishi Kumar - September 16, 2020, 1:13 pm

    👌✍

  2. Pragya Shukla - September 16, 2020, 3:06 pm

    Nice

  3. Geeta kumari - September 16, 2020, 3:15 pm

    Nice

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 16, 2020, 4:54 pm

    Nice

  5. मोहन सिंह मानुष - September 16, 2020, 11:09 pm

    बेहतरीन प्रस्तुति

  6. Deep Patel - September 23, 2020, 1:05 pm

    मुझे बहुत प्यारी है, तुम्हारी दी हुई हर एक निशानी,
    चाहे वो मेरे दिल का दर्द हो या मेरी आँखों का पानी।

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