दर्द का आलम

दर्द का आलम सहसा बाढ़ बन गया,
जब किताब के पन्नो में;
उनकी तस्वीर रूबरू हुई।

Comments

14 responses to “दर्द का आलम”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बेहतरीन प्रस्तुति

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद सर

  2. Deep

    मुझे बहुत प्यारी है, तुम्हारी दी हुई हर एक निशानी,
    चाहे वो मेरे दिल का दर्द हो या मेरी आँखों का पानी।

    1. वाह! वाह!
      हार्दिक धन्यवाद भाई जी

    1. बहुत बहुत आभार

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