दर्द का आलम सहसा बाढ़ बन गया,
जब किताब के पन्नो में;
उनकी तस्वीर रूबरू हुई।
दर्द का आलम
Comments
14 responses to “दर्द का आलम”
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👌✍
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🙏
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Nice
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Thank you
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Nice
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Thank you
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Nice
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Thank you
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बेहतरीन प्रस्तुति
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धन्यवाद सर
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मुझे बहुत प्यारी है, तुम्हारी दी हुई हर एक निशानी,
चाहे वो मेरे दिल का दर्द हो या मेरी आँखों का पानी।-

वाह! वाह!
हार्दिक धन्यवाद भाई जी
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वाह
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बहुत बहुत आभार
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