दिल रोक लेता है

रोज सोचते यही है उनसे
तोड़ देंगे सारे नाते

याद में उनकी नहीं कटेगी
रो-रोकर मेरी रातें

फ़ैसला जब करते हैं
हम दिल रोक लेता है

मेरी याद से बहे समंदर
घुटती हूं अंदर ही अंदर

दर्द है जब हद से बढ़ जाता
दिल रोक लेता है

Comments

5 responses to “दिल रोक लेता है”

  1. अति सुंदर

  2. Anil Mishra Prahari

    बहुत सुन्दर।

  3. ह्रदयस्पर्शी है खूबसूरत

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