दुनियाँ बदल रही है !!

ये दुनियाँ बदल रही है, या बस हम बदल रहे हैं ;
दौड़ बची है पैसों की, सब, सबसे आगे निकल रहे हैं !

यारियाँ है मतलब की, फर्ज अब हक़ में बदल रहे हैं ;
रिश्तों में विश्वाश अब कहाँ, यक़ीन अब शक़ में बदल रहे हैं !

माँ, बहनें महफूज़ नहीं, रक्षक अब भक्षक में बदल रहे हैं ;
जिनके कदमो में हैं राम-ओ-रहीम, उनको पैरों से कुचल रहे हैं !

हर चेहरे पर इक नकाब है ‘अक्स’, और लफ्जों में सियासत;
हर शख्स खुदी में ख़ुदा है, इंसान मजहब में बदल रहे हैं !………#अक्स

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

कोरोनवायरस -२०१९” -२

कोरोनवायरस -२०१९” -२ —————————- कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है| इसके इलाज की खोज में अभी संपूर्ण देश के वैज्ञानिक खोज में लगे हैं | बीमारी…

Responses

  1. अब नहीं रूह में वो मिल्कियत
    जिसकी रोशनी से दुनिया रोशन थी
    हर शख्स, हर रूह आजकल
    अंधेरों मे डल रही है

New Report

Close