प्यार के धागे

प्यार के धागों से रिश्तो को सिल रहा हूं
बड़ा हूं फिर भी झुक कर मिल रहा हूं
सुना है प्यार में ताकत बहुत होती है
हर बिगड़े काम आसान बना देती है
उम्मीद है, आज भी सब से मिल रहा हूं
प्यार के धागों से रिश्तो को सिल रहा हूं।
वीरेंद्र सेन प्रयागराज


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

10 Comments

  1. Satish Pandey - December 21, 2020, 10:38 pm

    बहुत खूब, बहुत शानदार

  2. Devi Kamla - December 21, 2020, 11:43 pm

    वाह, बहुत खूब

  3. Pragya Shukla - December 22, 2020, 12:15 am

    सुंदर वा बेहतरीन शिल्प से सजी रचना

  4. Geeta kumari - December 22, 2020, 10:13 am

    बहुत खूब, सुन्दर रचना

  5. Sandeep Kala - December 23, 2020, 10:08 pm

    सुन्दर रचना

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 24, 2020, 3:10 pm

    बहुत खूब

Leave a Reply