फिकर होंदी है..

जित्थे वेखां ते मेनू तू ही नज़र औंदी है,
के जेया तू ही रूह तू ही जिगर होंदी है..
तेनू सौ रब दी मेनू छड न कदे वी जाणां,
मेनू हर वक्त हूण तां तेरी फिकर होंदी है..

– प्रयाग

मायने :
वेखां – देखूँ
औंदी है – आती है
जेया – जैसे
हूण तां – अब तो

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