फेल रिजल्ट

कविता -फेल रिजल्ट
—————————-
आज सारे,
ख्वाब टूट गए,
कभी सोचते थें,
जो बैठ टहल कर,
वो आज सारे ख्वाब टूट गए,
मत भरोसा करो,
इतना किसी पर,
काम पूरा ना होगा,
तो जमाना हसे
सदा तुम्हीं पर,
कल जिसे देखकर,
नाज करते थें,
रहें सलामत,
दुआ करते थें,
फोन पर उसकी छीक सुनकर,
नींद हराम होती आवाज सुनकर,
उसे गर्म पानी पिने की-
सलाह दिया करते,
देशी दवा करने की,
बात किया करते,
अदरक गुण की
चाय बना लेना,
मम्मी से फोन करके,
काढ़ा बनाने की
विधि जान लेना,
रहें तुम्हारी जैसी भी हालत,
हर समय की ,
खबर देते रहना,
आखिर दिया नही क्या उसे,
क्या कमी रखा, बताएं मुझे,
अरे….
उसे ऐसे सभाला ,
जैसे – माँ बच्चें को,
कुम्हार कच्चे घड़े को,
डाक्टर रोगी को,
ड्राइवर स्टेरिंग को,
तांत्रिक मंत्र को,
सपेरा बीन को,
माली फूल को,
सभाला बहुत उसे,
वह मुझे दर्द दिया,
हाथों में फेल का
रिजल्ट दिखा,
क्या कहूं उसे,
साथ रखूं उसे,
या छोड़ दू उसे,
इस हाल पर ,
निकाल दू उसे-
अपने अब ख्याल से,
ना उसके उपर तरस खाऊं,
किसी भी बात से,
मुझे जितना निभाना था,
निभा चुका हूं-
अब करें अपना गुजारा,
किसी भी राह से,
अब बस इतना ही काम करुगा,
करु अपने लिए दुआ,
उसे भी याद करुगा
——————————
**✍ऋषि कुमार ‘प्रभाकर’


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

भोजपुरी चइता गीत- हरी हरी बलिया

तभी सार्थक है लिखना

घिस-घिस रेत बनते हो

अनुभव सिखायेगा

2 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 5, 2020, 8:15 am

    बहुत खूब

  2. Satish Pandey - December 5, 2020, 8:41 am

    अति सुंदर

Leave a Reply