बचपन

बच्चों की किलकारी पर बोझ लाद रहे हैं हम,
नन्हें-मुन्हें मासूम पर जिम्मेदारी
लाद रहे हैं हम।
अपनी नाकामी को साबित करके महान बने हम
खुशियां छिनकर ज्ञान के चक्कर में तौल रहे हैं हम।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी


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4 Comments

  1. Pragya Shukla - May 20, 2020, 8:42 pm

    Good

  2. Abhishek kumar - May 20, 2020, 8:49 pm

    Nyc

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - May 20, 2020, 9:04 pm

    Nice

  4. Dhruv kumar - May 22, 2020, 9:27 pm

    Nyc

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