बिना धागे की सुई

बिना धागे की सुई है ज़िन्दगी
कोई कहता है अच्छी है ज़िन्दगी
किसी को सिखाती है
किसी को बस चुभती जाती है ।

Related Articles

माँ

माँ: जीवन की पहली शिक्षिका ******************** जीवन की पहली गुरु, मार्गदर्शिका कहाती है हर एक सीख,सहज लब्जों में सिखाती है ।। धरा पे आँखे खुली,माँ…

चुभन

नज़रो में हो कंकड़ तो, रानाई चुभती है.. भरी बज़्म में चस्पा तन्हाई चुभती है.. जिस रिन्द को मयस्सर हो बस कफ़स की फर्श.. उसकी…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

New Report

Close