बेकार से बेगार

बेकार से बेगार भली ये जिंदगी,
रहम से भली बिखर जाये ये जिंदगी।
ताने बाने सुनना मेरा आदत नहीं दोस्त,
खुद को झुकना वसूल नहीं मेरी जिंदगी।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी


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3 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 15, 2020, 7:21 pm

    Nice

  2. Pragya Shukla - June 18, 2020, 10:23 am

    गुड

  3. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:59 pm

    ओह

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