बेटी घर की रौनक होती है

बेटी घर की रौनक होती है
बाप के दिल की खनक होती है
माँ के अरमानों की महक होती है
फिर भी उसको नकारा जाता है
भेदभाव का पुतला उसे बनाया जाता है
आओ इस रीत को बदलते है
एक बार फिर उसका स्वागत करते है


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

H!

Related Posts

बेटी से सौभाग्य

माँ

यादें

बहाना

13 Comments

  1. Sridhar - December 14, 2018, 10:57 am

    Wah

  2. Annu Burnwal - December 16, 2018, 6:11 pm

    बहुत सुन्दर पंक्तिया है।

  3. देवेश साखरे 'देव' - December 17, 2018, 4:10 pm

    सुंदर रचना

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 10:50 am

    वाह बहुत सुंदर

  5. राम नरेशपुरवाला - September 11, 2019, 3:35 pm

    वाह

  6. Kanchan Dwivedi - March 8, 2020, 7:25 pm

    Nice

  7. Satish Pandey - July 31, 2020, 9:23 am

    वाह

  8. Abhishek kumar - July 31, 2020, 9:26 am

    👏👏

  9. मोहन सिंह मानुष - August 28, 2020, 6:21 am

    वाह वाह

Leave a Reply