बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

 

माँ,मैं तेरे हर सपने को सच करके दिखाउंगी
तेरे हर मुसीबत मे तेरे, मैं भी काम आउंगी
रोशन कर दूंगी मैं तेरा नाम इस दुनिया मे
मुझे भी आने दे माँ, इस दुनिया मे

माँ,मैं तुझे कभी नहीं सताऊँगी
तेरे होंठों पर हमेशा मुस्कराहट खिलाऊंगी
कर दूंगी मैं भी कुछ ऐसा काम इस दुनिया मे
मुझे भी आने दे माँ, इस दुनिया मे

माँ,मैं तेरी ज़िन्दगी जीने की वजह बन जाऊंगी
तेरे बुढ़ापे मे, मैं तेरी लाठी कहलाउंगी
सब देखते रह जाएंगे तेरी इस बेटी को इस दुनिया मे
मुझे भी आने दे माँ, इस दुनिया मे

माँ,मैं तेरा घर के कामो मे भी हाथ बटाउंगी
तेरे हर सुख-दुःख मे तेरा साथ निभाऊंगी
मिसाल बन जाऊंगी मैं इस दुनिया मे
मुझे भी आने दे माँ, इस दुनिया मे

माँ, मैं हर कक्षा मे अव्वल आउंगी
तेरा और बाबा का सर शान से उठाउंगी
सब शाबासी देंगे तेरी बेटी को इस दुनिया मैं
मुझे भी आने दे माँ, इस दुनिया मे

माँ, मैं तेरे ही शरीर का एक हिस्सा हू
तेरी अंतरात्मा का ही एक किस्सा हू
न कर विदाई मेरी मुझे मार कर इस दुनिया मे
मुझे भी आने दे माँ, इस दुनिया मे

“देव कुमार”


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3 Comments

  1. Anjali Gupta - January 30, 2017, 3:54 pm

    nice poem

  2. Abhishek kumar - November 25, 2019, 7:09 pm

    Awesome

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