बेमोल थे जो झूठे बाज़ार में

बेमोल थे जो झूठे बाज़ार में

बेमोल थे जो झूठे बाज़ार में, वो सारे साहूकार बिक गए,
मैं अनमोल ही था सच है,जो मेरा कोई मोल न लगा।।
– राही (अंजाना)


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2 Comments

  1. ज्योति कुमार - August 25, 2018, 7:42 am

    Waah

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