मंज़िल का कुछ पता नही

मंज़िल का कुछ पता नही

कह्ता है मैँ तो मुसाफिर हूँ

मैं भटका नही हूँ ख़ुद की राह से

मैँ तो उसकी राह् का मुसाफिर हुँ

                              ….. यूई

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

मृगमरीचिका

मृगमरिचिका मृगतृष्णा यह जीवन सारा तृष्णा में डूबा जाता है, तृष्णाग्रस्त हो खोया रहता है, हाथ नहीं कुछ आता है। मरुभूमि में उज्जवल जल सा……

Responses

New Report

Close