माँ का दूध या सतनो का जोड़ा

************माँ का दूध या सतनो का जोड़ा ,किस नजर से देखे दुनिया सारी **********************
हमेशा देखा है राह चलते लोग रिश्तेदार यहां तक की अपने दोस्त यार तक ,महिलओं को घूर घूर के देखते हें
उनके वक्ष सथल को
अगर किसी ने दुप्पटा डाला हुआ है तो भी सरक जाये वो
एक झलक उस पल के लिए मचलते हें
सारी पहनती हैं तो उसकी कमर और ब्ब्लाउज से अंदाजा लगाया जाता हैं ,उसके स्तन कैसे होंगे हद हैं आज जिनस टॉप डालती हें लड़कियां तो मुनासिब है दुप्पटा न लेना उनको ऐसे गुह्रा जाता है किया बोलूं में
—-में उन सभी बैचेन लालायित आत्माओं को बस इतना ही कहना चाहती हूँ की
जिन मर्यादाओं को अक़्सर वो भूल जाते हें
वह सिर्फ मेरे शरीर का हिस्सा भर हैं ठीक वैसे ही जैसे .मेरे होठ ,मेरी आंखें मेरे हाथ ,पाव , नाक —–
इसी के साथ उन सभी महनुभवों से हाथ जोड़कर विन्ति करती हूँ।
मेरे मन में संदेह न उठने दे नारी हूँ या महज स्तनों का जोड़ा
गौरी गुप्ता १९/५/२०१६

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

New Report

Close