मुक्तक

हर सुबह ख्वाबों से रिश्ता टूट जाता है!
प्यार का पलकों में गुलिस्ताँ छूट जाता है!
खोजता हूँ मंजिलें तमन्नाओं की लेकिन,
मुझसे चाहतों का फरिश्ता रूठ जाता है!

मुक्तककार- #महादेव’


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Lives in Varanasi, India

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5 Comments

  1. Kedar Sharma - October 10, 2016, 2:52 pm

    वाह!

  2. Anjali Gupta - October 10, 2016, 3:43 pm

    nice one!

  3. Kanchan Dwivedi - March 8, 2020, 4:54 am

    Nice one

  4. प्रतिमा चौधरी - September 8, 2020, 2:22 pm

    Bahut badhiya

  5. Pragya Shukla - April 8, 2021, 11:07 pm

    Very good

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