मुक्तक

देखा है दुनिया को अपनी दिशा बदलते
अपने लोगो को अपनो से आंखे फ़ेरते
कतरा कतरा जिंदगी का रेत फिसलता जाता है
देखा है जिंदगी को मौत में बदलते

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Panna.....Ek Khayal...Pathraya Sa!

2 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 5:01 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

  2. Abhishek kumar - November 28, 2019, 11:40 am

    Good

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