मुक्तक

थी मोहब्बत दिल में पहले हो गई नासूर अब
पूछता न था कोई पर हो गई मशहूर अब !
उसका दिल रखने हजारों दे दिया कुर्बानियाँ
और ओ फितरत से अपने हो गई मगरूर अब !!
उपाध्याय….


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2 Comments

  1. Chandra Prakash - July 28, 2016, 12:51 pm

    are waah bahut khoob

  2. राम नरेशपुरवाला - October 27, 2019, 12:58 am

    Nice sir

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