मुक्तक2

हो गयी मुद्दत  तुम्हारे सामने आया ही नहीं ,
है मगर सच ये कभी तुमने बुलाया ही नहीं.
अब तो सांसो पर मेरे पहरा तुम्हारा ही रहे,
है राज़ कि बातें,तेरे बिन एक पल बिताया भी नहीं.
  …atr

Comments

7 responses to “मुक्तक2”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. राम नरेशपुरवाला

    सुन्दर

  3. Kanchan Dwivedi

    Nice

  4. Satish Pandey

    बहुत खूब

  5. Satish Pandey

    वाह वाह

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