समंदर तेज हो, तीखी हवा हो, पतवार छोटी हो, अगर तुम साथ हो मेरे , परवाह कौन करता है . …atr
समंदर तेज हो, तीखी हवा हो, पतवार छोटी हो, अगर तुम साथ हो मेरे , परवाह कौन करता है . …atr
मोहब्बत में जो मैंने की मोहब्बत से बहुत बातें , लबों पर रख के वो बोले बहुत बोला नहीं करते . …atr
मोहब्बत में चराग़ों से उजाले हुआ नहीं करते , दिलों में आग लगती है,जहाँ रंगीन दिखता है . …atr
बड़ी बेदर्द सी रातें है काफ़ी सुन के सोता हूँ, जहाँ तुम याद आती हो , वहीं चुपके से रोता हूँ| ये रोने और सोने का नहीं है सिलसिला लेकिन , कहीं जब दर्द आँखों […]
तुम्हारे अक्स से दुनिया है रोशन , सुना है चाँद की तू चांदनी है . सलीका प्रेम में अब क्या करेगा , नज़र को अब के माफ़ी मिल चुकी है . ज़रा अब दर्द से […]
तुम्हारी चाह ही मंज़िल हमारी ए मेरे साकी,ज़रा अब तो पिला दे न , तमन्ना अब भी है बाक़ी.मेरे साकी तेरे आँखों की मदिरा क्या बताऊँ मैं,फ़क़त आँखों से चढ़ती है ,मगर दिल तक उतरती […]
आज गलियां कुछ सूनी सी है , पथिक कम जाते हैं. गलियों के नुक्कड़ पर बैठा मैं कुछ सोचता हूँ . पर क्या क्या जीवन भी पथिक है , कभी रुकता कभी चलता है लेकिन […]
छुपा है चाँद बदली में ,अमावस आ गयी है क्या?नहीं देखा कभी जिसको वही शर्मा गयी है क्या?मिलन की रात में ये घुप्प अँधेरा क्यों सताता है ?वो मेरा और उसका छुप छुपाना याद आता […]
here is some para frm my long work describing the truth “death”.. hope u all ll like .. वेदो की वाणी भूल गयी ,ममता माया सब छूट गयी .. तैयार लगा होने अब तो प्रियतम […]
expecting ur reviews and kind attention with ur graceful words .. जब धरा उठ कर बने आकाश तो अच्छा लगे , जब मही की तृप्ति को बादल करे बरसात तो अच्छा लगे. है अँधेरा, धुंध […]
चुप रहता हूँ आजकल , कम बोलने लगा . देख लिया दुनिया को मैंने , जान लिया सच्चाई को . अब दिल बरबस रो पड़ता है, इस झूठी तन्हाई पर . इस ख़ामोशी को तुम […]
Sometimes when there is evening , Come into my heart . you bother me sometimes, somtimes you make me cry . Your name in my heart , had been written over the centuries , […]
क़भी जब गिर के सम्भ्लोंगे तो मेरी याद आएगी , कभी जब फिर से बहकोगे तो मेरी याद आएगी। वो गलियां , वो बगीचे ,वो शहर ,वो घर , कभी गुजरोगे जब उनसे तो मेरी […]
हवाओं की नज़र से देखता हूँ मीर मैं तुझको , कि छूकर पास से निकलूं और तुझको खबर न हो . ये दिल पत्तों सा हिलता है तेरी यादों के आने से,, कभी तो झूम […]
दिल के आइने में मीर तेरा अक्श देखूंगा , कभी सोचा नहीं था तुमपे इतना प्यार आएगा . …atr
तेरे जाने से सब ये सोचते है मैं अकेला हूँ , उन्हें शायद खबर न हो कि तेरी याद बाक़ी है . मैं तनहा कैसे समझूँ मीर इन ख़ाली मकानों को , तेरे और मेरे […]
नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ ,हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ?है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा ,न मेघ रहा […]
जवां दिल था , जवां धड़कन , जवां सांसे , जवां मन था , मगर बस मीर इतना था, जहाँ वो थी वहां मन था .. …atr
कहीं आसूं की बारिश थी ,कहीं यादों का झोंका था, जिसे देखा था बस्ती में वही दिन रात रोता था . नगर था प्यार का , उजड़ा था गुलशन , शाम ख़ाली थी, रहूँ कैसे […]
ढूंढा जिसे गली में, शहरा में शाम में , दीदार उसका हो गया बस एक ज़ाम में. …atr
तमाम गुलाबो की खुश्बू है तेरे इकरार में साकी , कही ऐसा न हो मैं खुश्बुओं की चाह ही रख लू.. …atr
तेरी आँखों से पीनी है, मुझे अब रात भर साकी , ज़रा अब फिर पिला दे न , तमन्ना अब भी है बाक़ी. …atr
ख़ुदा ने क्या दिया तुमको, ख़ुदा ने क्या दिया हमको, की तू है हुस्न की मल्लिका , औ मुझको आशिकी दे दी .. …atr
भुला सकोगे न तुम कभी भी , की तुमको इतना मैं प्यार दूंगा . जो होगा चुलमन वो होंगी आँखे , उसी से तुमको निहार लूंगा . मगर रहे याद तुम्हे सदा ये, उसी में […]
खबर मेरी यहाँ पर पूछते क्या हो एहसास , जरा एक बार मेरे मकान से गुजरो. तुम्हे मालूम होगा इश्क़ में क्या क्या लुटाते हैं, कभी एक बार इस इम्तिहान से गुजरो. . …atr
किया है प्यार छुप छुप कर खुदाया , दिल्लगी न की , जमाना ढोंग कहता है हमारे प्यार को साकी . …atr
प्रेम होता दिलों से है फंसती नज़र , एक तुम्हारी नज़र , एक हमारी नज़र, जब तुम आई नज़र , जब मैं आया नज़र, फिर तुम्हारी नज़र और हमारी नज़र, बन गयी एक नज़र, हो […]
वो राह वो बस्ती, वो घर, वो गलियां , वो राह के कांटे , वो फूल और कलियाँ , मुझे फिर याद आये.. वो दो दिलों की धड़कन ,वो दोपहर का साथ, वो शाम का […]
चुपके चुपके ही चाहा है, इज़हार किया न जीवन भर , एक डर में एक संशय में, मैं हाल ए दिल कैसे कह पाऊँ. जीवन के अंतिम क्षण में यदि बात जुबां तक आ जाये, […]
ये गीत मेरे न पत्थर है, न कांटे ,न अंगारे है, ये गीत ह्रदय की पीड़ा हैं,वो सब है जो हम हारे हैं. हर लफ्ज़ में उसकी ख़ुश्बू है, हर मतला उसकी भाषा है, हर […]
फूंक देते प्राण मनुज में वो गुरुदेव कहाते है, जीवात्मा की परमात्मा से वो ही मिलन कराते है. मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताकर करते है उद्धार गुरु, निज शिष्यों को ईश्वर से बढ़कर करते है प्यार गुरु. […]
गीत लिखूँ कैसे अब मैं, गीत कहूँ कैसे अब मैं. सब शब्द तुम्हारे प्रेमी है,हर कविता तेरी दासी है, हर वाक्य तुम्हारा वर्णन है, हर हर्फ़ तेरा अभिलाषी है, फिर इन दीवाने लोगो को अब […]
चलो अब देर से तुम सो सकोगे , हमारी नींद तुमको लग गयी है.. …atr
बढ़ी है तीरगी रूश्वाईयों में , ज़रा अपनी नज़र तुम बंद रखना.. …atr
करोगे क़त्ल क्या हमको दरिंदो , हमारे हर्फ़ रूहानी, हमारी बात रूहानी.. …atr
कभी मेरी निगाहों को जहाँ दिखता था तुझमे मीर , मगर अब दौर ऐसा है , खुदी पुरज़ोर हावी है .. …atr
कहीं है दफ़्न तुम्हारा ग़म हमारे दिल के कोने में, हमे भी मीर लाशो को बहुत रखना नहीं आता.. …atr
अभी मुझमे जरा तू है ,जरा मैं हूँ तेरे दिल में .. मगर अब अपने अपने में जरा सा तू , जरा मैं हूँ .. …atr
चला जाता है कोई दूर ,दिल के पास रहता है , वही यादें ,वही खुशबू ,वही एहसास रहता है . फ़कत इतना फरक है प्रेम के इन दो मिलापो में , की जब वो दूर […]
खत को मेरे संभाल के रखा जो होता मीर, हर हर्फ़ मेरे प्यार की दास्ताँ कहते . करे अब किस जगह रोशन गुलिश्ता ए जिगर को यार , यहाँ तो आशियाँ ही लुट गया है […]
किया है खून रिश्तो का , तुम्हे कातिल कहूँ या भ्रम , जला कर प्रेम का दीपक , अँधेरा कर दिया कायम . …atr
न देखोगे मुझे अब तुम , न अब संवाद होगा .. जो कल था ,आज तक जो था , न इसके बाद होगा .. …atr
नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ , हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ? है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा , […]
लहरा रहा है सामने यादों का समंदर , जो डूबना भी चाहूँ तो किस किनारे से.. मेरे इश्क़ की दास्ताँ बस इतनी है, तलाश हमसफ़र की थी मुकाम तन्हाई का मिला. …atr
मुद्दत से तेरी आँखों में नमी नहीं देखी, लगता है तुमने मुझमे कोई कमी नहीं देखी .. यादों की लहरों पर किया है प्यार का सफर , हमें है राब्ता उनसे उन्हें नहीं मेरी खबर.. […]
आँखों से झरते आंसू ने थमकर पूछा, आखिर सजा क्यों मिली मुझे ख़ुदकुशी की? दिल रो पड़ा पुराना जखम फिर हरा हुआ, कहा, गुनाह उसी ने किया जिस छत से तू गिरा .. ..atr
ज़रा कुछ देर रहमत हो सके तो अच्छा हो , ज़रा मन शांत होकर सो सके तो अच्छा हो. . ख़तो के ज़ाल में उलझे हुए है मीर हम , ज़रा कुछ देर खुद में […]
बर्बादी किसे दिखेगी हमारी जहाँ में मीर , लुटने के बाद ग़म का खज़ाना जो पा लिया .. मुझको तेरी कमी तो सताती ही है मगर , तू दूर जा के खुश है ये सुकून […]
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