बड़ी बेदर्द सी रातें है काफ़ी सुन के सोता हूँ, जहाँ तुम याद आती हो , वहीं चुपके से रोता हूँ| ये रोने और सोने का नहीं है सिलसिला लेकिन , कहीं जब दर्द आँखों […]

तुम्हारे अक्स से दुनिया है रोशन , सुना है चाँद की तू चांदनी है . सलीका प्रेम में अब क्या करेगा , नज़र को अब के माफ़ी मिल चुकी है . ज़रा अब दर्द से […]

तुम्हारी चाह ही मंज़िल हमारी ए मेरे साकी,ज़रा अब तो पिला दे न , तमन्ना अब भी है बाक़ी.मेरे साकी तेरे आँखों की मदिरा क्या बताऊँ मैं,फ़क़त आँखों से चढ़ती है ,मगर दिल तक उतरती […]

आज गलियां कुछ सूनी सी है , पथिक कम जाते हैं. गलियों के नुक्कड़ पर बैठा मैं कुछ सोचता हूँ . पर क्या क्या जीवन भी पथिक है , कभी रुकता कभी चलता है लेकिन […]

छुपा है चाँद बदली में ,अमावस आ गयी है क्या?नहीं देखा कभी जिसको वही शर्मा गयी है क्या?मिलन की रात में ये घुप्प अँधेरा क्यों सताता है ?वो मेरा और उसका छुप छुपाना याद आता […]

क़भी जब गिर के सम्भ्लोंगे  तो मेरी याद आएगी , कभी जब फिर से बहकोगे  तो मेरी याद आएगी। वो गलियां , वो बगीचे ,वो शहर ,वो घर , कभी गुजरोगे जब उनसे तो मेरी […]

तेरे  जाने  से सब  ये सोचते  है मैं अकेला  हूँ  , उन्हें  शायद खबर न हो कि तेरी याद  बाक़ी है . मैं तनहा कैसे समझूँ मीर इन ख़ाली मकानों को , तेरे और मेरे […]

नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ ,हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ?है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा ,न मेघ रहा […]

कहीं आसूं  की बारिश थी ,कहीं यादों का झोंका था, जिसे देखा था बस्ती में वही दिन रात रोता था . नगर था प्यार का , उजड़ा था गुलशन , शाम ख़ाली थी, रहूँ कैसे […]

भुला सकोगे न तुम कभी भी , की  तुमको इतना मैं प्यार दूंगा . जो होगा चुलमन वो  होंगी  आँखे , उसी से तुमको निहार लूंगा . मगर रहे याद तुम्हे सदा ये,  उसी में […]

खबर मेरी यहाँ पर पूछते क्या हो एहसास , जरा एक बार मेरे मकान से  गुजरो. तुम्हे मालूम होगा इश्क़ में क्या क्या लुटाते हैं, कभी एक बार इस इम्तिहान से गुजरो. . …atr

प्रेम  होता  दिलों  से  है फंसती  नज़र , एक तुम्हारी नज़र , एक हमारी नज़र, जब तुम आई नज़र , जब मैं आया नज़र, फिर तुम्हारी नज़र और हमारी नज़र, बन गयी एक नज़र, हो […]

वो राह वो बस्ती, वो घर, वो गलियां , वो राह के कांटे  , वो फूल और कलियाँ , मुझे फिर याद आये.. वो दो दिलों की धड़कन ,वो दोपहर का साथ, वो शाम का […]

फूंक देते प्राण मनुज में वो गुरुदेव  कहाते है, जीवात्मा की परमात्मा से वो ही मिलन कराते है. मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताकर करते है उद्धार गुरु, निज शिष्यों को ईश्वर से बढ़कर करते है प्यार गुरु. […]

गीत लिखूँ कैसे अब मैं, गीत कहूँ कैसे अब मैं. सब शब्द तुम्हारे प्रेमी है,हर कविता तेरी दासी है, हर वाक्य तुम्हारा वर्णन है, हर हर्फ़ तेरा अभिलाषी है, फिर इन दीवाने लोगो को अब […]

मुद्दत से तेरी आँखों में नमी नहीं देखी, लगता है तुमने मुझमे कोई कमी नहीं देखी .. यादों की लहरों पर किया है प्यार का सफर , हमें है राब्ता उनसे उन्हें नहीं मेरी खबर.. […]