मुक्तक2
हो गयी मुद्दत तुम्हारे सामने आया ही नहीं ,
है मगर सच ये कभी तुमने बुलाया ही नहीं.
अब तो सांसो पर मेरे पहरा तुम्हारा ही रहे,
है राज़ कि बातें,तेरे बिन एक पल बिताया भी नहीं.
…atr
है मगर सच ये कभी तुमने बुलाया ही नहीं.
अब तो सांसो पर मेरे पहरा तुम्हारा ही रहे,
है राज़ कि बातें,तेरे बिन एक पल बिताया भी नहीं.
…atr
Good
सुन्दर
Good
Ni
Nice
बहुत खूब
वाह वाह