मृगमरीचिका

चीखते चेहरों पर चीखने से क्या फायदा
सजा मिल जाने पर,
बेगुनाह साबित होने से भी क्या फायदा ।
इज्जत की नाम अपने ही मासूमो की हत्या
साथ देने के बदले आरोप लगाते हैं मिथ्या
मानवता के मूल्यों को खोने से क्या फायदा ।
जो दिखता है वैसा, अकसर होता नहीं
दूजो के लिए अपनों को ऐसे खोता नहीं
मृगतृष्णा के पीछे भागने से क्या फायदा ।

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

  1. यथार्थ पर आधारित सच्चे भाव हैं। “चीखते चेहरों पर चीखने से क्या फायदा” में आनुप्रासिक अलंकरण है। वाह

New Report

Close