मोर का नाचना

बादलों को देख मोर झूम-झूम नाचता।
मोरनी है साथ फिर व्योम क्यों निहारता।।
बादलों की चाह में
मोरनी के प्यार में,
या फिर नयनश्रवा के हार में
पंख को पसारता।
बादलों को देख मोर झूम-झूम नाचता।


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5 Comments

  1. Poonam singh - November 7, 2019, 3:32 pm

    Nice

  2. NIMISHA SINGHAL - November 7, 2019, 11:17 pm

    Kya kehna

  3. देवेश साखरे 'देव' - November 8, 2019, 9:14 am

    वाह

  4. nitu kandera - November 8, 2019, 9:32 am

    Good

  5. Abhishek kumar - November 24, 2019, 11:32 pm

    उम्म्दा

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