यही हैं मोहब्बत की चँद रसमें

मेरा हर रोज़ तुझको याद करना

रोज़ तुझको ख़ुदकी याद दिलाना

यही हैं मोहब्बत की चँद रसमें

जो साल दर साल निभायी हैं मैंने

                      …… यूई

Comments

2 responses to “यही हैं मोहब्बत की चँद रसमें”

Leave a Reply

New Report

Close