वो मुझे कुछ यूँ

वो मुझे कुछ यूँ चाहता था
कि मेरी साँसो से मुझे पहचान लेता था
एक दिन उसके दोस्तों ने पूंछा
क्या है तुम्हारी ख्वाहिशे——
उसने छोटी सी लिस्ट सुनाई
जिसमें पहला नाम भी मेरा था
और आखरी भी——
वो मुझे कुछ यूँ चाहता था—-
मेरे मुँह से निकले अल्फ़ाज
मेरे चेहरे से जान लेता था—‘

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