श्याम छवि

शीश जटा एक बेणी लटकत
लटकत लट लटकन मुखचंद्र पे वारिद ऐसे
लुकछिप खेल करत हो जैसे।।

Comments

6 responses to “श्याम छवि”

  1. अनुप्राश अलंकार

Leave a Reply

New Report

Close