सावन मन भावन

पकड़ वारि की धार झूलता है मेरा मन,
आओ रे सब मुझे घेर कर गाओ सावन!
इन्द्रधनुष के झूले में झूलें मिल सब जन,
फिर फिर आए जीवन में सावन मन भावन!


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4 Comments

  1. Udit jindal - July 23, 2016, 10:27 pm

    lajabaab

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 5:31 pm

    वाह बहुत सुंदर

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