स्वप्न तेरे साथ ज़िन्दगी का देखकर,
सदियाँ बीत गई ‘राही’ की सोते सोते।।
राही (अंजाना)
स्वप्न तेरे साथ ज़िन्दगी का देखकर

Comments
8 responses to “स्वप्न तेरे साथ ज़िन्दगी का देखकर”
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Nice
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Thank you
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Nice
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Thank you
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Thank you
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Welcome
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Very nice
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बहुत खूब
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