हम भी टूटे थे

हम भी टूटे थे
जब तुम्हारे वादे झूठे थे

हम रोते थे
जब तुम किसी और के साथ हस्ते थे

आज हम खुद को मनाना सिख लिए
बस तूम्हारी परवाह छोड़ दिये


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15 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 7, 2020, 9:07 pm

    Nice

  2. Antima Goyal - July 7, 2020, 9:49 pm

    nice

  3. Saurabh Mittal - July 7, 2020, 9:52 pm

    good

  4. Alok Kumar - July 8, 2020, 1:52 pm

    बहुत खूब

  5. Abhishek kumar - July 10, 2020, 9:33 pm

    त्रुटियाँ हैं पर अच्छी रचना

  6. Satish Pandey - July 11, 2020, 11:58 am

    Nice

  7. Abhishek kumar - July 31, 2020, 1:56 am

    वादों से अपनी वेदना की तुलना करके पराकाष्ठा दिखा रहे हैं आप

  8. Antariksha Saha - August 1, 2020, 12:00 am

    धन्यवाद

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