हम भी टूटे थे

हम भी टूटे थे
जब तुम्हारे वादे झूठे थे

हम रोते थे
जब तुम किसी और के साथ हस्ते थे

आज हम खुद को मनाना सिख लिए
बस तूम्हारी परवाह छोड़ दिये

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Responses

  1. वादों से अपनी वेदना की तुलना करके पराकाष्ठा दिखा रहे हैं आप

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