हिन्दी कविता – ये राजनीती है |

हिन्दी कविता – ये राजनीती है |

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हिन्दी कविता – ये राजनीती है |
न कोई सिद्धान्त न ईमान ये राजनीति है |
न कोई भगवान न शैतान ये राजनीति है |
जो है आज दोस्त कल बन जाएंगे दुश्मन |
न कोई हिन्दू न मुसलमान ये राजनीति है |
मिले पद पावर जोड़ तोड़ करना पड़ता है |
डूबे या उबरे सारा हिंदुस्तान ये राजनीति है |
देश मे हो हजारो समस्याए तो रहने दो |
बैठे कुर्सी अपना खानदान ये राजनीति है |
कहते कुछ और करते कुछ और है सब |
चाहे सारी जनता हो परेसान ये राजनीति है |
चूनाव से पहले सब गठबंधन करते है |
बाद परिणाम करते हलकान ये राजनीति है |
देश के मुद्दे मसले दुश्मन सब हासिये पर |
रह गए पीछे देश के अरमान ये राजनीति है |
देश के लिए लड़े जीते सोचे करे कोई तो |
करे देश जिसपर अभिमान ये राजनीति है |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

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13 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - November 12, 2019, 11:52 pm

    Sahi kha

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 13, 2019, 7:11 am

    सटीक चित्रण

  3. nitu kandera - November 13, 2019, 8:23 am

    वाह वाह

  4. Ashmita Sinha - November 13, 2019, 9:22 am

    Nice one

  5. देवेश साखरे 'देव' - November 13, 2019, 10:39 am

    बहुत सुन्दर

  6. Poonam singh - November 13, 2019, 3:25 pm

    Nice

  7. Abhishek kumar - November 24, 2019, 9:04 am

    उत्तम

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