अंतर्राष्ट्रीय शांति:- इजराइल और हमास”

बीच सड़क पर जलते देखो
शोले और अंगारे,

बूढ़े बच्चे और जवान
इस अशांति से हारे।

प्रेम से रहने का पाठ पढ़ाती
है हमारी संस्कृति,

अंतरराष्ट्रीय शांति पर कितनी
लिखी जा चुकी हैं ​कृति।

पर निस-दिन इस विश्व में देखो
होता रहता है युद्ध,

इतनी अशांति देखकर जग में
प्रज्ञा’ का मन है क्षुब्ध।

इजरायल और हमास को
जाने क्या है सूझा !

ऐसी महामारी के चलते भी
आपस में लड़-जूझा।

बंद करो यह लड़ना-भिड़ना
आपस में सौहार्द बढ़ाओ,

प्रेम से मिलकर रहो और
मित्रता का हाथ बढ़ाओ।।

Comments

5 responses to “अंतर्राष्ट्रीय शांति:- इजराइल और हमास””

  1. Ekta

    प्रेम से मिलकर रहो
    और मित्रता का हाथ बढ़ाओ
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

  2. Pragya

    आपकी सुंदर समीक्षा है तो बहुत-बहुत धन्यवाद

  3. Amita

    बंद करो यह लड़ना भिड़ना आपस में सौहार्द बढ़ाओ,
    उम्दा लेखन👏👏

  4. मार्मिक अभिव्यक्ति 

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