अंत्योदय राशनकार्ड

उस गरीब माँ का
अब
अंत्योदय राशनकार्ड से
नाम कट गया है,
क्योंकि उसका बेटा
पिछले महीने
अठारह बरस का हो गया है,
औऱ उसने आठ सौ का
मोबाइल भी खरीद लिया है।
डेरी से लोन लेकर
गाय भी खरीदी है,
बात सौ आने सीधी है,
अठारह का बेटा, मोबाइल फोन,
दुधारू गाय
ये तीनों मानक उसे
अमीर की श्रेणी में पहुंचा चुके हैं,
इसलिए गांव के मुखिया जी उसका
राशनकार्ड बन्द करवा चुके हैं।

Comments

2 responses to “अंत्योदय राशनकार्ड”

  1. Geeta kumari

    सरकारी सहायता पर लिखीं गई कवि सतीश जी की यथार्थ परक रचना । ग्रामीण समाज का दर्पण दर्शाती हुई बेहद संजीदा रचना ।
    ग्रामीण समाज का बहुत ख़ूबसूरती से वर्णन करती हुई सुंदर कविता

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