पत्थर से बन कर रह गई
जख्मों को सहकर भी रोई नहीं
तुमने ही दिल कहीं और लगा लिया
वरना तुमसे अजीज तो आज भी कोई नहीं.
अजीज
Comments
12 responses to “अजीज”
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Nice
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धन्यवाद
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Welcome
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Wah
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थैंक्स
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Nice
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थैंक्स
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Wah
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थैंक्स
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Nice
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थैंक्स
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Wah
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