कितनी अजीब है दुनिया
कितने अजीब है लोगों के काम
बटोर रहे हैं दोनों हाथों से
जाने को कर खाली झोली तमाम
अजीब दुनिया
Comments
15 responses to “अजीब दुनिया”
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good
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shukriya
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true
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shukriya
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It’s very beautiful.
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shukriya
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लयबद्धता और पंक्तियां त्रुटि पूर्ण हैं
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आगे से हम ध्यान रखेंगें धन्यवाद
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वेलकम
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वाह
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shukriya
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सुंदर
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shukriya
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true
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सत्य
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