जय श्री राम
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अपनी किरदार निभाने ही पड़ेंगे
जो लिखा है, वो होना ही है
सब मौन ना हो सकते जहां में
कुछ कोलाहल भी जरूरी है ।।1।।
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सब मौन अगर हो जाये जगत में
तो ईश्वर की माया किसे नचायेगी
मन किसको मोहरा बनायेगी
ईश्वर कैसे खेल देखेंगे जगत के ।।2।।
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दुनिया को समझना ही दुनिया है
कोई झूठ-सच का खेल नहीं
सब खेल ईश्वर के अधीन है
सब राम ही राम है ।।3।।
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मैं क्या कह सकता हूँ
मैं भी राम हूँ, तुम भी राम हो
सारी सृष्टि ही राम है
कोई नाहीं है जगत में
सब राम ही राम है ।।4।।
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कवि विकास कुमार
अपनी किरदार निभाने ही पड़ेंगे
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जय श्री राम
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