जब उन्हें यूं घमंड हुआ,
अपनी सूरत पर।
वक्त ने भी दिखला दिया,
जब झुरिया पड़ी चेहरे पर।
अपनी सूरत पर।
Comments
8 responses to “अपनी सूरत पर।”
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सुंदर
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धन्यवाद जी
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Wah
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Thank you sir
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अच्छी रचना
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धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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धन्यवाद सर
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