नींद की चादर।

नींद की चादर ओढ़ कर,
सोए जमाना हो गया।
रात यूं ही कट जाती है,
और पल में सवेरा हो जाता है।

Comments

6 responses to “नींद की चादर।”

  1. Deep Patel

    Very nice

    1. प्रतिमा

      धन्यवाद सर

Leave a Reply

New Report

Close