कवि तो खुशिया फैलाने का जरिया था
पर अब ऐसा वक्त आ गया
कागज़- कलम को छोड़ सबने
लेपटॉप कंप्यूटर को अपना लिया
लिखने का कीमती वक्त तो
Whats up twiter खा गया
उंगलियां you tub को छनती
दिमाग़ को pub G खा गया
अब ऐसा वक्त आ गया
अब ऐसा वक्त आ गया
Comments
6 responses to “अब ऐसा वक्त आ गया”
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Nice
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वाह
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Sahi baat
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सही कहा
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Bilkul sahi
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Good
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