अमीर संग कीड़े

हुस्न के बाजार में ए “मीर” हम चले थे,
अपने जख़्म के मरहम खोजने के लिए।
किसी ने जहरीली मुस्कान लिए कहा,
अमीर संग कीड़े कब बने एक दूजे के लिए।।

Comments

4 responses to “अमीर संग कीड़े”

  1. Rishi Kumar

    Very nice

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