के तेरे दर पे मैं खुल कर के सब अर्ज़ करता हूँ,
के तुझको पाने की खातिर मैं खुद को यूँही खर्च करता हूँ।।
राही अंजाना
अर्ज़
Comments
14 responses to “अर्ज़”
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Wah
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धन्यवाद
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वाह
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धन्यवाद
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Nice
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धन्यवाद
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Good
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Thanks
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Good
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Thanks
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वाह
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Thanks
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वाह
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Sahi likha
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