मुद्दत बाद आज ही नहाया हू़ँ अपने अश्क ए तालाब में।
कहीं कोई काली नैनो़ से देखा तो नहीं मुझे नहाते हुए।।
अश्क ए तालाब
Comments
8 responses to “अश्क ए तालाब”
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उम्दा
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माफ कीजिएगा आपको करेक्ट करने के लिए लिख रहा हूँ कि यहाँ अश्क-ए-तालाब न होकर तालाब-ए-अश्क होगा । और उस से भी बेहतर होगा जब आप दरिया-ए-अश्क लिखेंगे । मेरे इस तरह करेक्ट करने को अन्यथा मत लीजिएगा ।
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Good ad
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I agree with u
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ग
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Sunder
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Koshish achi thi
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Nice lines
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