अहसास

जो सुख-दुख में साथ देते हैं,
रिश्ते बस, वे ही नहीं होते,
रिश्ते तो वे भी हैं,
जो अपने पन का अहसास देते है ..

Comments

12 responses to “अहसास”

  1. Vasundra singh Avatar

    कहीं न कहीं दोनो चीजें एक दूसरे से मेल खाती हैं, जो सुख दुख में साथ देता है वही तो अपने पन का अहसास देता है।

    1. समीक्षा के लिए धन्यवाद वसुंधरा जी

  2. देवी Avatar

    अति सुंदर

    1. बहुत बहुत धन्यवाद देवी जी

  3. कविता के माध्यम से कवि रिश्तों पर प्रकाश डालते हुए यह बताना चाहती हैं कि अपनेपन का अहसास कराने वाले भी अपने ही होते हैं। इन पंक्तियों के माध्यम से कवि अपने कथ्य को प्रकट करने में सफल हुई हैं। चार पंक्तियों की यह कविता यथोचित संदेश देने में सफल रही है। प्रथम दो पंक्तियाँ समान मात्रिक छंद युक्त हैं। शेष दो पंक्तियाँ विषम मात्रिक हैं, साथ ही लय का अच्छा संधान है। भाषा सरल और सुबोध है।

    1. Geeta kumari

      इतनी सुंदर समीक्षा सर , आपकी विद्वता की ही द्योतक है । मात्र चार पंक्तियों की कविता के भाव की बहुत सुंदर व्याख्या की है ।कविता के भावों को इतनी अच्छी तरह समझने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद, आभार सर 🙏

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी 🙏

    1. Geeta kumari

      Thank you .

    1. बहुत शुक्रिया आपका भाई जी 🙏

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