प्रेम से सराबोर होने दो हमको,
आँखों से दरिया छलक जाने दो ना।
आँखों से दरिया
Comments
9 responses to “आँखों से दरिया”
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Nice
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थैंक्स
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nice
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🙏
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👏👏
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👌
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भावपूर्ण रचना
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इस कविता में कवित्री अपने प्रेम की पराकाष्ठा को दिखाती हुई नजर आ रही है bahut hi umda shabdon ka prayog Kiya gaya hai
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बहुत खूब
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